ग़ाफ़िल की कलम से

कबाड़ा

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बौद्ध धर्म-दर्शन का मूलाधार-

Posted On: 24 Feb, 2012 Others में

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महात्मा बुद्ध संसार के प्रत्येक प्राणी का परम् श्रेय सुख प्राप्त करना तथा दुःख से निवृत्ति ही होता है। प्रायः दुनिया के सभी धर्म सांसारिक कष्टों से निवृत्ति के मार्ग का ही अनुसंधान करते हुए दिखाई पड़ते हैं। बौद्ध धर्म भी परम् श्रेय सुख की प्राप्ति और दुःख निवृत्ति का उपाय बताता है, लेकिन और धर्मों के तरीकों तथा बौद्ध धर्म के तरीके में आमूल-चूल अन्तर होने के नाते यह सभी धर्मों से विशिष्ट और आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना बुद्ध के समय में रहा…आगे

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25/02/2012

सादर प्रणाम! आपकी बातों से हम इत्तेफाक रखते हैं….


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